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Lexus लाई नई स्मार्ट ओनरशिप प्लान; अब ES, NX और RX खरीदना हुआ और भी आसान_我的网站

李连杰

一 |     ऑटो डेस्क, नई दिल्‍ली। Lexus ने भारतीय बाजार में अपनी नई स्मार्ट ओनरशिप प्लान को शुरू किया है। इसके तहत भारतीय ग्राहकों के लिए Lexus कार खरीदना और उसका मालिक बनना आसान और सुविधाजनक बनाना है। यह योजना उन लोगों के लिए तैयार की गई है जो एक लग्जरी कार का आनंद लेना चाहते हैं, लेकिन अधिक लागत या लंबी अवधि की देनदारियों से बंधे नहीं रहना चाहते।,इस योजना के तहत ग्राहक आसान EMI के माध्यम से Lexus खरीद सकते हैं और उन्हें यह भी पता होगा कि योजना की अवधि के अंत में उनकी कार की कीमत कितनी होगी। उस समय, उनके पास तीन ऑप्शन होते हैं, जिसमें बिना किसी अतिरिक्त लागत के कार वापस कर देना, पहले से तय की गई कीमत का भुगतान करके कार को अपने पास रखना और नई Lexus कार में अपग्रेड करना शामिल है। यह गारंटीड रीसेल वैल्यू ग्राहकों को भविष्य में कार की कीमत घटने या खरीदार ढूंढने की चिंता से मुक्त करती है।,यह स्मार्ट ओनरशिप प्लान पॉपुलर Lexus ES, NX, और RX मॉडलों के लिए उपलब्ध है। यह ग्राहकों को हर 3-5 साल में एक नई Lexus चलाने की सुविधा देती है, जिससे वे हमेशा नवीनतम डिजाइन, तकनीक और सुरक्षा सुविधाओं के साथ अपडेट रह सकते हैं।,इस नई योजना के साथ, Lexus जून 2024 से भारत में बेची गई सभी नई कारों पर एक इंडस्ट्री-फर्स्ट 8 साल / 1,60,000 किमी की वारंटी भी दे रही है। ग्राहक 3, 5, या 8 साल के विशेष Lexus लक्जरी केयर सर्विस पैकेज भी चुन सकते हैं, जिसमें रखरखाव शामिल है, जिससे मालिक बनना और भी आसान हो जाता है। 2017 में भारत में अपनी शुरुआत के बाद से, Lexus ने ओमोतेनाशी के जापानी दर्शन का पालन किया है। स्मार्ट ओनरशिप योजना उस यात्रा में नवीनतम कदम है, जो यह सुनिश्चित करती है कि अधिक लोग सामान्य वित्तीय चिंताओं के बिना Lexus लक्जरी का अनुभव कर सकें।,यह भी पढ़ें- पहले से बेहतर हुई Lexus NX 350h, अपडेटेड फीचर्स और बेहतर माइलेज के साथ हुई लॉन्‍च。    राज्य ब्यूरो, रांची। विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के साथ-साथ अब प्रति कुलाधिपति भी होंगे। राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होंगे। वे दीक्षा समाराेह की अध्यक्षता करेंगे। वहीं, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री प्रति कुलाधिपति होंगे। वे सीनेट की बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। राज्य सरकार द्वारा विधानसभा से पारित किए गए झारखंड विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 में इसका प्रविधान किया गया है। विधानसभा से पारित विधेयक में राज्यपाल की शक्तियां घटाई गई हैं। यहां तक कि कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति में भी उनकी कोई शक्ति नहीं रह गई है। वे केवल कुलपति की नियुक्ति के लिए गठित होनेवाली सर्च कमेटी में एक सदस्य का मनोनयन कर सकेंगे। विभाग के प्रधान सचिव या सचिव इस सर्च कमेटी के अध्यक्ष होंगे। अन्य दो सदस्यों में राज्य सरकार द्वारा मनोनीत उच्च शिक्षण संस्थान के निदेशक तथा यूजीसी के प्रतिनिधि होंगे।,इसमें यह भी प्रविधान किया गया है कि सर्च कमेटी द्वारा कुलपति की नियुक्ति के लिए तैयार किए जानेवाले पैनल के निर्णय में समान मत होता है तो अध्यक्ष यानी विभागीय सचिव को निर्णायक मत देने का अधिकार होगा। सर्च कमेटी द्वारा उपलब्ध कराए गए पैनल से राज्य सरकार कुलपति की नियुक्ति करेगी।,कुलपति पद के लिए आवेदन करनेवाले व्यक्ति की आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं होगी। कुलपति की नियुक्ति तीन वर्ष के लिए होगी। राज्य सरकार चाहे तो उसका तीन वर्ष का कार्यकाल संतोषजनक पाए जाने पर उसे अधिकतम दो वर्ष तक के लिए सेवा विस्तार दे सकेगा।,यदि उसकी आयु 70 वर्ष से अधिक न हो। विधेयक में यह भी प्रविधान किया गया है कि कुलपति की संबंधित विश्वविद्यालय में पुनर्नियुक्ति नहीं होगी। हालांकि वह अन्य विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्ति के लिए पात्र होगा। विश्वविद्यालयों में अब कई निदेशक के पद होंगे। अंगीभूत कालेजों के नियमन के लिए निदेशक, क्षेत्रीय केंद्रों के लिए भी निदेशक होंगे। इसी तरह, विश्वविद्यालय के अन्य कार्यों के निष्पादन के लिए भी निदेशक नियुक्त होंगे।。

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Published on:21:00:47


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